🇮🇳गाँव कोटेला 🇮🇳
{ स्थिति }
गाँव कोटेला नाथद्वारा तहसील के धांयला पंचायत का एक छोटा सा गांव है।
■ समाज ■
गाँव कोटेला मे सबसे ज्यादा आबादी राजपुतो की है ।राजपुतो के बाद गमेतियो कि है । गमेतियो के बाद प्रजापत , ये सभी समाज गाँव कोटेला मे रहते है ।
🔅राजपूत 🔅
▪डोडिया राजपुत {सरदारगढ़}
▪चुण्डावत (वाला)परावल से
▪राणावत राणावतो का गुडा
▪देवड़ा रतलाम से
🔺कुमार 🔺
▪प्रजापत (????????????)
🔹 गमेती/भील 🔹
◼दाना गमेती (भील )
◼खराडी गमेती (भील )
🕵🏻♀ विधालय👨🏻✈
गाँव कोटेला में दो विधालय है -
◼राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कोटेला भील बस्ती
◼ राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटेला राजपूत बस्ती
➕पशू चिकित्सालय➕
गाँव कोटेला मे एक पशू चिकित्सालय है।
🚎यात्री प्रतिशालय🚌
गाँव कोटेला मे एक यात्री प्रतिशालय है , यहा पर बैठकर बस का इन्तजार किया जाता है ।
रामदेव यात्रा के समय यहा पर जल सेवा व नाश्ता व विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है ।
सम्पूर्ण कोटेला गांव की तरहप से ।
🐐🐄पशुपालन🐃🐓🦄
➡ बकरी पालन १
➡ गाय पालन२
➡ भैंस पालन३
➡ मुर्गी पालन४
➡ घोड़ा पालन५
🧚🏻♀ व्रत पुजन 🧚🏻♂
नवरात्रा व्रत
बैशाख व्रत
श्रावण व्रत
मनसा महादेव व्रत
एकादशी व्रत
कृष्ण जन्माष्टमी व्रत
बैंडा चवदश
करवा चौथ
पुनम व्रत
अमावस्या व्रत
राम नवमी व्रत
महाशिवरात्री व्रत
गणेश चतुर्थी व्रत
आदि व्रत रखे जाते है ।
🌱कृषि 🌿
खाद्यान्न फसल- गेंहू , मक्का
सब्जीयाँ : बैंगन , तोरमी , दुधी , आलु , ग्वारफली , मुली , रतालू ,
दाले> चन्ना , मुंग , उडद
मसाले -धनिया , मिर्ची , लहसुन ,
पशूओ के लिए - रिचक्का , बाजरा , धान ,
फल -सीताफल , बोर , आम ,
व्यापार -गन्ना , लाल बोर
🚜वाहन🚌
साईकिल ,बाईक,टेक्टर , बस, टेम्पो, डम्पर ,जेसीबी , थ्रेसर ,घोडा
💧पानि के स्रोत 🌨
वागेरी सप्लाई , हैंडपंप , कुआ , नलकूप, नहर
🎋पशु चराई🌿
श्रीनाथ जी का बिड़ा व अपने अपने पर्सनल बिडे
🚌यात्रा 🚕
पेदल , साईकिल, बाईक, बस , टेम्पो , फोरविलर , घोड़ा- बिन्दोली
ॐ मंदिर ॐ
एकपन्या बावजी मंदिर
हिंगलाज माता मंदिर
शिव जी मंदिर
हनुमान मंदिर
चारभूजा मंदिर
🏘 घर की स्थिति 🏚
पक्का सबसे ज्यादा 95%
कच्चा सबसे कम 5% प्रगति पर
🔺 रोजगार 🔺
कृषि, रोजगार के लिए पलायन गुजरात राज्य मे कुछ के पास खूद का धंधा कुछ नौकरी करते है । यहा के लोगो के पास खुद का वाहन है । कुछ लोग ड्राइवर है । कुछ मजदूर कुछ कारिगर राजपुत महिलाऐ ग्रहणी है । कुछ महिलाऐ शिलाई का काम करती है। कुछ पशुपालन करते है
गमेती महिलाऐ मजदूरी व कृषि के अलावा पशुपालन जंगल से लकड़ी लाने का कार्य करती है।
🌨सिचाई 🌨
बारिश ,
नन्दसमंद नेहर से ,
कुओ से,
नलकूप से।
▪परिवार ▪
🔸एकल परिवार बहुत ज्यादा
🔸सयुक्त परिवार बहुत कम -*परन्तु रहते पास मे ही अधिकतर ।*संकट के समय सभी एक दूसरे का सहयोग करते है।
मांगलिक कार्यक्रम में पुरा परिवार एक जगह एकत्रित हो जाता है।
💛किसी कि मृत्यु 💚
⬛म्रत्यु भोज बनाया जाता है ।
⬛विशेष बारह दिन का कार्यक्रम होता है।पहला , तीसरा , दशमा , बारहमा
⬛बहन बैटियो की पेरावनी बन्द है ।
⬛मृत व्यक्ति की अस्तियो को मात्रीकुंडिया या हरिद्वार मे विसर्जित किया जाता है ।
💛 शादी ❤
खेतपाल से ही साउन्ड बजने चालु हो जाते है ।खुशी से डांस करते है।
खेतपाल , दोडा , बिन्दोली, बारात
शिख , दुल्हन के भाई दुल्हन को ले जाते हे , फिर दुलहा पक्ष दुल्हन को वापिस अपने साथ दुल्हन को अपने नये घर लाते है ।
इस प्रकार शादी की रस्म पुर्ण हो जाती है , व अपना नया सुखी जिवन बसाते है।
💡 उजाला💡
कोटेला के हर घर मे बिजली है ।
यहा बिजली की पुरी व्यवस्था है ।
सडको को छोड कर ।
वर्तमान मे सडको पर भी बिजले बल्प लगाने की योजना चल रही है ।
👨🏻✈खेल मैदान 👩🏻🏭
खाली पड़े बिडै व खेत ही युवा का खेल मैदान है । वास्तविकता खेल मैदान नही है। पर वर्तमान मे बनने की सम्भावना है ।
📱🖥मनोरंजन 📷💿
फोन टेलीविजन खेल गवरी पार्टी कम्प्यूटर यात्रा करना आदि मनोरंजन के साधन है ।
❤सहयोग 👨🏻✈
सार्वजनिक प्रोग्राम के समय पुरा गाँव सहयोग करता है ।
जय माता दी जय माता दी
जशवन्त सिंह डोडिया ठिकाना-कोटेला











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